हम जिएँ न जिएँ दोस्त तुम जियो एक नौजवान की तरह, खेत में झूम रहे धान की तरह, मौत को मार रहे बान की तरह। हम जिएँ न जिएँ दोस्त तुम जियो अजेय इंसान की तरह मरण के इस रण में अमरण आकर्ण तनी कमान की तरह! -केदारनाथ अग्रवाल